ए. वी. पी. एस. में ग्रीष्मकालीन शिविर (अनलाॅक योर पोटेंशल) के दूसरे दिन किया गया विभिन्न गतिविधियों का आयोजन
कक्षा ब्लूम से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया
ग्रीष्म अवकाश का उन्माद सभी विद्यार्थियों को होता है। ग्रीष्म अवकाश होते ही विद्यार्थियों को ऐसा लगता है कि अब पढ़ाई से थोड़ी फुर्सत मिलेगी पर उनमें कुछ करने का जज्बा समाया होता है ऊर्जा तो उनमें कूट कूट कर भरी होती है उसी ऊर्जा को यदि सही दिशा मिल जाए तो विद्यार्थियों का स्वार्गीण विकास और उज्ज्वल भविष्य बनना सुलभ हो जाता है। आधुनिक युग कला कौशल का युग है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को ये सीखना अनिवार्य है, क्योंकि आने वाले समय में बिना कौशल विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में अपने आप को अधूरा ही मानेगा इसी उदेश्य को मद्देनजर रखते हुए ए. वी. पी. एस अपने प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिदिन की आवश्यकताओं और प्रत्येक कौशल को इस अवकाश का लाभ उठा कर सिखाना चाहता है। इसीलिए ग्रीष्म कालीन कैम्प का आयोजन बड़े हर्षोउल्लास से किया गया है।
विद्यालय में लगाया जा रहे ग्रीष्मकालीन शिविर के दूसरे दिन ब्लूम कक्षाओं के नन्हें मुन्नों के लिए जूस बार- रसना मेकिंग- जो कि अध्यापिका श्रीमती सुनैना व कनिका द्वारा,जंगल सफारी ड्रेस परेड-एनीमैल साउंड - जो कि अध्यापिका श्रीमती अनु अनेजा और श्रीमती काजल द्वारा, माइंडफूलनेस एक्टिविटी में-रंग-बिरंगे ब्लॉक के द्वारा गतिविधियाँ व योगा- जो कि अध्यापिका श्रीमती बॉबी और श्रीमती प्रिंसी के द्वारा, पपेट शो कॉर्नर - कहानी आधारित प्रश्न और वोकैब जो कि अध्यापिका श्रीमती ज्योति और श्रीमती जसमीत के द्वारा, बैलून एंड बबल जॉन में- बबल एक्टिविटी, बैलून बैलेंस जो कि अध्यापिका श्रीमती अनु वर्मा और श्रीमती गरिमा के द्वारा, थ्रेडिंग एंड फाइन मोटर कॉर्नर में- बच्चों को जूते के फीते बाँधना - जो कि अध्यापिका श्रीमती सोनू और श्रीमती मधु के द्वारा, ऑब्सटेकल कोर्स एडवेंचर में - जंप ओवर पिलोज और बैलेंस ऑन लाइन जो की अध्यापिका नवजोत और संदीप के द्वारा करवाई गई। कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आर्ट एक्सप्लोरेशन में- वाॅल हैंगिंग क्राफ्ट, म्यूजिक मूवमेंट- नेशनल सांग, नृत्य कला में- पंजाबी और एरोबिक्स, सेंसरी प्ले में - टेस्ट और हियरिंग प्ले, स्पोर्ट्स और आउटडोर गेम्स में- स्केटिंग, क्रिकेट, योगा, फन एक्टिविटीज में- फन विद कप एंड बॉल, टारगेट थ्रोइंग ,बाॅल और कोन गेम, साइंस एक्सपेरिमेंट एंड डेमोंसट्रेशन में - टू चेक द प्रेजेंस ऑफ ऑक्सीजन इन लीफ, टू इंडिकेट बेस विद द हेल्प ऑफ टर्मरिक एंड डिटर्जेंट, डेंसिटी कॉन्सेप्ट, , कोडिंग एंड रोबोटिक्स में- स्कैच कोडिंग, मैथ्स बेसड चैलेंजस में- न्यू ट्रिक्स फॉर मल्टीप्लिकेशन एंड सॉल्व द चैलेंजेस, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में- वोकैबलरी, इंपॉर्टेंट सेंटेंस फॉर डेली यूजेस, , करियर वर्कशॉप में- करियर गाइडेंस टॉक इम्फाइजिंग, मेंटल हेल्थ एंड वैलनेस- ओम उच्चारण,गायत्री मंत्र, मोटिवेशनल स्टोरी होमवर्क रिलेटेड आदि के हुनर सीखे। इसके साथ ही बच्चों ने शिविर के दूसरे दिन के भ्रमण में खेतों में जाकर किसानों के जीवन और खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए मेहनत करने की सीख ली।
स्कूल के अध्यक्ष श्री रमन कुमार जी वाट्स, प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता तिन्ना जी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री दीपक शर्मा जी, उपप्रधानाचार्या श्रीमती सीमा शर्मा, पी.टी.ए अध्यक्ष श्री नरेंद्र सचदेवा व समस्त स्टाफ ने विद्यार्थियों को इस तरह के शिविर में भाग लेकर नहीं नहीं जानकारियांँ प्राप्त करने के लिए के लिए प्रेरित किया।
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